IND vs NZ: मेजर ध्यानचंद से शुरू हुआ था सफर, भारत-न्यूजीलैंड खेल दोस्ती के बेमिसाल 100 साल पूरे!
भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के 100 साल पूरे। जानिए कैसे मेजर ध्यानचंद के 1926 दौरे से शुरू हुआ हॉकी का यह ऐतिहासिक सफर।
पटना / ऑकलैंड: साल 2026 भारत और न्यूजीलैंड के बीच केवल राजनयिक रिश्तों के लिए ही नहीं, बल्कि खेल के मैदान पर भी एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो रहा है। दोनों देश अपने खेल संबंधों के शानदार 100 वर्ष का जश्न मना रहे हैं। इस लंबी और खूबसूरत यात्रा की नींव किसी और ने नहीं, बल्कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने रखी थी।
1926 में भारतीय सेना की टीम ने रचा था इतिहास
इस खेल दोस्ती की शुरुआत साल 1926 में हुई थी, जब 'इंडियन आर्मी हॉकी टीम' न्यूजीलैंड का दौरा करने वाली पहली भारतीय खेल टीम बनी। आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, उस ऐतिहासिक टीम में महान मेजर ध्यानचंद भी शामिल थे। उनके खेल ने न सिर्फ न्यूजीलैंड के फैंस का दिल जीता, बल्कि दोनों देशों के बीच एक ऐसा मजबूत पुल बनाया जो आज एक सदी बाद भी अडिग है।
महिला हॉकी टीम ने ऑकलैंड में लहराया तिरंगा
सौ साल बाद भी यह खेल दोस्ती उतनी ही जीवंत है। इसी साल (2026) भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑकलैंड में खेले गए FIH विमेंस नेशन्स कप के फाइनल में मेजबान न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। यह जीत दिखाती है कि हॉकी आज भी दोनों देशों को करीब लाने का सबसे बड़ा जरिया है।
पीएम मोदी के दौरे से खेल सहयोग को मिलेगी नई उड़ान
हॉकी न्यूजीलैंड के पूर्व सीईओ और 1976 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता रमेश पटेल ने इस मौके पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा: "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगामी न्यूजीलैंड दौरा दोनों देशों के बीच खेल सहयोग को एक नए और मजबूत स्तर पर ले जाएगा। खेल के जरिए हमारे लोगों के बीच के रिश्ते और गहरे होंगे।"
बीते 100 सालों में मैदान पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच कई कड़े मुकाबले देखने को मिले हैं, लेकिन मैदान के बाहर की दोस्ती हमेशा मजबूत हुई है। हॉकी का यह 'शतक' न केवल अतीत की यादों को ताजा करता है, बल्कि दोनों देशों की आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित कर रहा है। NBC 24 के लिए पटना से अंकित कुमार की रिपोर्ट...