मोदी सरकार ने कायम की पारदर्शी रोजगार व्यवस्था, बोले शिवराज-कांग्रेस को ग्राम से, काम से और राम से परेशानी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में कहा कि कांग्रेस का “मनरेगा बचाओ संग्राम” वास्तव में “भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम” है। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि कांग्रेस के पेट में दर्द यही है कि अब भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस हमेशा विकास का विरोध करती रही है। कांग्रेस को ग्राम से परेशानी, कांग्रेस को काम से परेशानी, कांग्रेस को राम से परेशानी। ये त्रयी ही उनके राजनीतिक डीएनए की पहचान है।

मोदी सरकार ने कायम की पारदर्शी रोजगार व्यवस्था, बोले शिवराज-कांग्रेस को ग्राम से, काम से और राम से परेशानी
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NEW DELHI : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में कहा कि कांग्रेस का “मनरेगा बचाओ संग्राम” वास्तव में “भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम” है। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि कांग्रेस के पेट में दर्द यही है कि अब भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं।

'कांग्रेस को ग्राम से, काम से और राम से परेशानी’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस हमेशा विकास का विरोध करती रही है। कांग्रेस को ग्राम से परेशानी, कांग्रेस को काम से परेशानी, कांग्रेस को राम से परेशानी। ये त्रयी ही उनके राजनीतिक डीएनए की पहचान है।

‘लोकसभा में सच सुनने की हिम्मत नहीं थी’

उन्होंने लोकसभा की बहस का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने पूरी बात सुनने का साहस नहीं दिखाया। मैंने कहा था- मुझे सुनकर जाइए, लेकिन मेरी आवाज़ दबाने की कोशिश की गई। दम था तो पूरी बात सुन लेते। संसद संवाद के लिए होती है, हंगामे के लिए नहीं।

मनरेगा बनी थी भ्रष्टाचार का अड्डा!

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मनरेगा अब ईमानदार रोजगार का नहीं, भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गई थी। मजदूरों के नाम पर ठेकेदारों से काम होने लगा था और मशीनों से काम दिखाकर मजदूरी उठा ली गई। एक ही सड़क हर साल “नई” बना दी गई। 80 साल के “मजदूर” और फर्जी उपस्थिति के रेकॉर्ड नजर आए। उन्होंने बताया कि ग्राम सभाओं के सोशल ऑडिट में 10 लाख 91 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं।

मोदी सरकार ने पारदर्शिता से किया 8.48 लाख करोड़ का निवेश

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अब तक 8 लाख 48 हजार करोड़ रुपये ग्रामीण विकास पर खर्च किए जा चुके हैं, जबकि यूपीए शासन में यह राशि केवल 2 लाख करोड़ रुपये थी। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी सवाल है, क्या गांवों में स्थायी संपत्ति बनी? क्या गांव और मजदूर का जीवन बदला? 

‘विकसित भारत जी राम जी योजना’, मनरेगा से कई कदम आगे

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई योजना भ्रष्टाचार मुक्त, टेक्नोलॉजी आधारित और मजदूर केंद्रित सुधार है। इस योजना में 100 के बजाय 125 दिन की कानूनी गारंटी है। काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और भुगतान में देरी पर दंड का प्रावधान है। ग्राम पंचायतों को पूरा अधिकार कि वे तय करें कौन सा काम गांव में हो। अब ऊपर से ठोककर नहीं, नीचे से तय होगा- गांव खुद अपने विकास का प्लान बनाएगा।

अब केवल मिट्टी नहीं खोदेंगे, विकास की नींव रखेंगे

मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि अब जल संरक्षण, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, अस्पताल, खेत-तालाब, चेक डैम, एफपीओ संरचना, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन जैसे ठोस कार्य होंगे। यह योजना गांव को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने का ब्लूप्रिंट है। इस योजना में 1.51 लाख करोड़ की धनराशि और मजदूरों के हित पर पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में 1,51,282 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से 95,600 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी। प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है ताकि रोजगार सहायकों, तकनीकी स्टाफ और मेट्स को समय पर मानदेय मिले। इसके लिए 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है।

खेती और रोजगार में संतुलन- पीक सीजन के अनुसार ग्रामीण कामकाज

शिवराज सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था में खेती के पीक सीजन के अनुरूप काम तय किए जाएंगे, ताकि किसान और मजदूर दोनों का हित सुरक्षित रहे। जहां खेती करनी है वहां खेती हो और जब खेतों में काम नहीं, तो गांव के विकास के काम मिलें। 

भ्रम फैलाना बंद करे कांग्रेस, सत्य को स्वीकार करे

उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह देश को गुमराह न करे। यह समय संग्राम का नहीं, सहयोग का है। कांग्रेस झूठ और भ्रम फैलाना बंद करें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद दें कि उन्होंने मजदूरों और गांवों के हित में इतनी ऐतिहासिक योजना दी है।

'विकसित भारत जी राम जी’- विकसित ग्राम, स्वावलंबी भारत की आधारशिला

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस योजना का लक्ष्य है- स्वरोजगारयुक्त गांव, गरीबी मुक्त समाज, और विकसित भारत का सपना साकार करना। विकसित भारत के लिए विकसित ग्राम, यही सरकार की प्रतिबद्धता है।