शादी के मंडप में सात फेरों से ठीक पहले हुआ कुछ ऐसा... चीखों में बदल गई शहनाई की आवाज!
मोतिहारी में शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदलीं। मंडप में सात फेरों से पहले अचानक दूल्हे की मौत। दुल्हन के घर से बिना दुल्हन क्यों लौटी बारात? जानिए पूरा मामला।
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के चिकनी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। पश्चिम चंपारण के भरवलिया गांव से गाजे-बाजे के साथ 25 वर्षीय शक्तिनाथ शर्मा की बारात चिकनी गांव पहुंची थी। लड़की पक्ष द्वारा बारात का भव्य स्वागत किया गया और भोज का दौर चल रहा था।
मंडप में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह की रस्में चल रही थीं। दूल्हा और दुल्हन मंडप में बैठे थे और सात फेरे शुरू ही होने वाले थे कि अचानक दूल्हे के पेट में तेज दर्द उठा और उसकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों के अनुसार: "हालत बिगड़ते ही शक्तिनाथ को तुरंत रामगढ़वा के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे रक्सौल स्थित एसआरपीएस (SRPS) हॉस्पिटल रेफर कर दिया। हालांकि, वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।"
इस हादसे के बाद दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई। दुल्हन रघुनी कुमारी के हाथों की मेहंदी धरी की धरी रह गई। माता-पिता के निधन के बाद बड़े भाइयों ने बड़े अरमानों से छोटे भाई शक्तिनाथ की शादी तय की थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस घर से दुल्हन की डोली उठनी थी, वहां से बिना फेरे लिए दूल्हे का शव वापस लौटा। इस दुखद घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है। पटना से NBC 24 के लिए अंकित कुमार की रिपोर्ट।