1163 करोड़ रुपये की बोधगया कॉरिडोर परियोजना से बदलेगी बोधगया की तस्वीर : डॉ. प्रेम कुमार

बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मंगलवार को गया जिला अतिथि गृह सभागार में वर्चुअल माध्यम से बोधगया कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक की।

1163 करोड़ रुपये की बोधगया कॉरिडोर परियोजना से बदलेगी बोधगया की तस्वीर : डॉ. प्रेम कुमार
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बिहारः बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मंगलवार को गया जिला अतिथि गृह सभागार में वर्चुअल माध्यम से बोधगया कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना के विभिन्न घटकों, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के विस्तार तथा बोधगया को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के उपरांत डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि बोधगया कॉरिडोर परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1163 करोड़ रुपये है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य महाबोधि मंदिर एवं आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित कर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों में बोधगया में अंतरराष्ट्रीय स्तर के अस्पताल की स्थापना, आधुनिक विजिटर सेंटर का निर्माण, तीर्थयात्रियों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षित पैदल पथ, स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, ध्यान पथ, श्रद्धालुओं के लिए विश्राम शेड तथा प्रमुख बौद्ध स्थलों के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

डॉ. प्रेम कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बोधगया से विष्णुपद मंदिर होते हुए चाकंद तक फ्लाईओवर निर्माण की संभावनाओं पर विशेष रूप से कार्य किया जाए, जिससे बोधगया और गया शहर के बीच यातायात व्यवस्था सुगम हो तथा तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।

उन्होंने फल्गु नदी के दोनों किनारों पर आकर्षक पार्क विकसित करने, हरित आवरण बढ़ाने, वृक्षारोपण अभियान को गति देने तथा नदी तट को पर्यावरणीय एवं पर्यटन दृष्टिकोण से विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और हरियाली का विस्तार न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगा बल्कि गया और बोधगया की पहचान को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

बैठक में महाबोधि मंदिर के निकास द्वार के पुनर्विकास, बड़े कांग्रेगेशन एरिया के निर्माण, निरंजना (फल्गु) नदी के किनारे मेडिटेशन पाथवे विकसित करने, स्थानीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा परंपराओं को प्रोत्साहित करने तथा डुंगेश्वरी, मुचलिंद सरोवर, बराबर, गुरपा, सुजाता गढ़ एवं बकरौर जैसे महत्वपूर्ण बौद्ध स्थलों एवं हिन्दू धर्मावली के तीर्थयात्रियों को ध्यान में रखते हुए मातंगवापी,धर्मारण्य एवं माँ सरस्वती जैसे पुराणिक वेदियों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की गई।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बोधगया विश्व धरोहर स्थल होने के कारण इसकी गरिमा और सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।

समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ एवं परियोजना से जुड़े अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। बैठक में बोधगया के समग्र विकास, पर्यटन संवर्धन तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। एनबीसी 24 के लिए पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट।