CM नीतीश ने निजी स्कूलों के लिए लागू किया नया नियम, मानक पूरे नहीं हुए तो रद्द होगी मान्यता

बिहार सरकार ने निजी स्कूलों के लिए नई SOP लागू की है, जिसमें शिक्षक संख्या, बुनियादी सुविधाएं और शिक्षण घंटे अनिवार्य किए गए हैं। मानकों का पालन नहीं करने वाले निजी स्कूलों की मान्यता रद्द की जाएगी या नई मान्यता नहीं मिलेगी।

CM नीतीश ने निजी स्कूलों के लिए लागू किया नया नियम, मानक पूरे नहीं हुए तो रद्द होगी मान्यता
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पटना:बिहार सरकार ने निजी स्कूलों के संचालन और मान्यता को लेकर सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक निजी विद्यालयों के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। इसके तहत अब निजी स्कूलों को सरकार द्वारा तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूलों की मान्यता रद्द की जा सकती है या नई मान्यता नहीं दी जाएगी।

तीन सदस्यीय समिति करेगी मान्यता

नई SOP के अनुसार निजी स्कूलों की मान्यता अब जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति द्वारा दी जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह फैसला नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से लिया गया है।

छात्र संख्या के अनुसार अनिवार्य होगी शिक्षकों की नियुक्ति

SOP में छात्र-शिक्षक अनुपात को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है—

  • 60 छात्रों पर – 2 शिक्षक
  • 61 से 90 छात्र – 3 शिक्षक
  • 91 से 120 छात्र – 4 शिक्षक
  • 121 से 200 छात्र – 5 शिक्षक
  • 150 छात्रों पर – 5 शिक्षक के साथ 1 प्रधानाध्यापक अनिवार्य
  • 200 से अधिक छात्रों पर – छात्र-शिक्षक अनुपात 40:1 से अधिक नहीं होगा

कक्षा छह से आठ तक प्रत्येक कक्षा में कम से कम एक शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य होगी। विज्ञान-गणित, सामाजिक अध्ययन और भाषा विषयों के शिक्षक हर हाल में रखने होंगे।

  • 35 छात्रों पर एक शिक्षक अनिवार्य
  • नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक 35 छात्रों पर एक शिक्षक की नियुक्ति जरूरी होगी।
  • जहां 100 से अधिक छात्र होंगे, वहां पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति अनिवार्य की गई है।

इसके अलावा कला शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा और कार्य शिक्षा के लिए अंशकालिक शिक्षकों की व्यवस्था भी जरूरी होगी।

  • स्कूल में होनी चाहिए ये बुनियादी सुविधाएं
  • SOP के तहत स्कूलों में निम्न सुविधाएं अनिवार्य की गई हैं—
  • विद्यालय तक आसान पहुंच
  • लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय
  • शुद्ध पेयजल की सुविधा
  • मध्याह्न भोजन पकाने के लिए रसोई
  • खेल का मैदान
  • चारदीवारी
  • साथ ही प्रत्येक शिक्षक के लिए कक्षा कक्ष और प्रधानाध्यापक के लिए कार्यालय सह भंडार कक्ष होना अनिवार्य होगा।
  • प्रति सप्ताह 45 घंटे शिक्षण तय

शैक्षणिक सत्र को लेकर भी सख्त मानक तय किए गए हैं—

कक्षा 1 से 5 :

  • 200 कार्य दिवस
  • 800 शिक्षण घंटे प्रतिवर्ष

कक्षा 6 से 8 :

  • 220 कार्य दिवस
  • 1000 शिक्षण घंटे प्रतिवर्ष

शिक्षकों के लिए :

  • प्रति सप्ताह 45 शिक्षण घंटे अनिवार्य
  • मानक पूरे नहीं हुए तो रद्द होगी मान्यता

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जो निजी स्कूल तय मानकों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें मान्यता नहीं दी जाएगी या उनकी मौजूदा मान्यता रद्द कर दी जाएगी।