श्रीकृष्ण सिंह एवं विद्याकर कवि के पुण्यतिथि पर कांग्रेसजनों ने अर्पित किया श्रद्धांजलि
पटनाः बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बिहार केशरी डा. श्रीकृष्ण सिंह की 65 वीं पुण्यतिथि एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा मंत्री विद्याकर कवि की 39 वीं पुण्यतिथि आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी। समारोह की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने किया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि डा. श्रीकृष्ण सिंह दूरदर्शी सोच के राजनेता थे। बिहार एवं झारखण्ड के सभी बड़े कल-कारखाने, बोकारो स्टील प्लान्ट, हेवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन रांची, पतरातू एवं बरौनी बिजली कारखाना, बरौनी तेल शोधक कारखाना, मोकामा में राजेन्द्र सेतु एवं विकास के अन्य बड़े कार्य डा. श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल में हुए। उन्होंने कहा कि जमींदारी प्रथा का उन्मूलन बिहार में श्रीबाबू के कार्यकाल में हुआ और उन्होंने बिहार को आधुनिक राज्य के श्रेणी में आजादी के पश्चात लाकर खड़ा कर दिया।
स्व. विद्याकर कवि के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए राजेश राम ने कहा कि स्व. विद्याकर कवि स्वतंत्रता सेनानी एवं संवेदनशील नेता थे। वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए लगातार संघर्ष करते रहें और सफलतापूर्वक अपने कार्यकाल का निर्वहन किए। इसके पूर्व डा. श्रीकृष्ण सिंह के मूर्ति एवं स्व. विद्याकर कवि के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव, ब्रजेश प्रसाद मुनन, हिमांशु कवि, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, ब्रजेश पाण्डेय, वैद्यनाथ शर्मा, रौशन कुमार सिंह, कमलदेव नारायण शुक्ला, उमेश कुमार राम, अरविन्द लाल रजक, कमल कमलेश, डा0 शशि कुमार सिंह, गुरूदयाल सिंह, मिहिर झा, निरंजन कुमार, सिद्धार्थ कवि, हितार्थ मोहन कवि, अमन कुमार, मृत्यंजय कुमार सिंह, मेनका कुमारी, वसी अहमद, मिथिलेश निषाद, इमाम हसन, जितेन्द्र पासवान, अमित कुमार शर्मा, आनन्दी कुमार, समसुल हक, कमलेश मंडल, विवेक यादव सहित अन्य कांग्रेसजनों ने माल्यार्पण किया।
पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट