जब माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली अरुणिमा सिन्हा पहुंचीं विद्या विहार, स्थापना दिवस पर कही यह बड़ी बात!
विद्या विहार आवासीय विद्यालय ने सफलता के 30 वर्ष पूरे किए। स्थापना दिवस पर एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा रहीं मुख्य अतिथि। जानें कैसे यह स्कूल गढ़ रहा है देश का भविष्य।
पूर्णिया। पटना - देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार विद्या विहार आवासीय विद्यालय (VVRS) ने सफलता पूर्वक अपने 30 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस संस्थान की नींव नेतरहाट एलुमनाई के सदस्य स्वर्गीय रमेश चंद्र मिश्र के दूरदर्शी नेतृत्व में रखी गई थी। तीन दशकों के इस स्वर्णिम सफर में विद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास में एक मिसाल कायम की है।
विद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली पहली दिव्यांग महिला अरुणिमा सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में कभी हार न मानने और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी।
समय के साथ कदम मिलाते हुए विद्यालय ने तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं
छात्रों के खेलकूद और शारीरिक विकास के लिए स्कूल परिसर में अत्याधुनिक स्टेडियम मौजूद है। विद्यालय में सौर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, जो इसे एक इको-फ्रेंडली कैंपस बनाता है। पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के ज़रिए बच्चों का ऑल-राउंड डेवलपमेंट किया जाता है।
"शिक्षकों के सहयोग और जनता के विश्वास से आगे बढ़ रहा संस्थान"
कार्यक्रम के दौरान वीवीआरएस के सचिव इंजीनियर राजेश मिश्र ने कहा कि “विद्या विहार लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हमारे शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का अटूट विश्वास ही हमारी असली ताकत है। इसी वजह से हमारे छात्र आज आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजीनियर जैसे प्रतिष्ठित पदों पर पहुंचकर देश सेवा कर रहे हैं।