खाली पड़े डॉक्टर के चैंबर, भटकते दिखे मरीज: जानें क्यों सासाराम के अस्पतालों में छाई खामोशी?

अरवल में सिविल सर्जन से मारपीट के विरोध में सासाराम के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा ठप। डॉक्टर, जांच और फिजियोथेरेपी बंद होने से मरीज परेशान। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

खाली पड़े डॉक्टर के चैंबर, भटकते दिखे मरीज: जानें क्यों सासाराम के अस्पतालों में छाई खामोशी?
सासाराम में स्वास्थ्य सेवाएं ठप!
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सासाराम। बिहार के अरवल में सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट की घटना का असर अब पूरे प्रदेश में दिखने लगा है। इस घटना के विरोध में आज सासाराम के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप कर दी गई हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के अचानक हड़ताल पर चले जाने से दूर-दराज से आए मरीजों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

रोजाना मरीजों की भारी भीड़ से गुलजार रहने वाला सासाराम का सरकारी अस्पताल आज वीरान नजर आ रहा है। सुबह से ही कोई भी डॉक्टर इलाज के लिए अपने चैंबर में नहीं पहुंचा है। स्थिति यह है कि:

  • डॉक्टरों का चैंबर खाली: इलाज के लिए पहुंचे मरीज घंटो इंतजार करने के बाद मायूस लौट रहे हैं।
  • जांच और फिजियोथेरेपी बंद: सिर्फ ओपीडी ही नहीं, बल्कि पैथोलॉजी जांच और फिजियोथेरेपी सेवाएं भी पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं।
  • अनजान मरीज परेशान: जिन मरीजों को इस हड़ताल की जानकारी नहीं थी, वे तड़के ही अस्पताल पहुंच गए थे और अब दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि अरवल में सिविल सर्जन के साथ जिस तरह की अभद्रता और मारपीट हुई है, वह कतई बर्दाश्त के काबिल नहीं है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस मामले के मुख्य दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन और हड़ताल इसी तरह जारी रहेगी।