आरपीएफ जवानों की गुंडागर्दी के खिलाफ सासाराम रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन, न्याय की मांग को लेकर गूंजे नारे
सासाराम रेलवे स्टेशन पर रेल कर्मियों ने आगरा कैंट में डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट के साथ RPF जवानों द्वारा की गई मारपीट के विरोध में कैंडल मार्च निकाला।
सासाराम: उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) जवानों द्वारा एक रेल अधिकारी के साथ की गई मारपीट की गूंज अब बिहार के सासाराम में भी सुनाई दे रही है। इस घटना के विरोध में सासाराम रेलवे स्टेशन पर कार्यरत स्टेशन मास्टर, डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (DSS) और अन्य रेल कर्मियों ने एक जुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और स्टेशन परिसर में ही कैंडल मार्च निकाला। रेल कर्मियों ने दोषी आरपीएफ जवानों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के जवानों और डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरपीएफ के जवानों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए अधिकारी नरेंद्र चाहर के साथ न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि उनके साथ जमकर मारपीट और दुर्व्यवहार भी किया।
सासाराम रेलवे स्टेशन पर दर्ज हुआ कड़ा विरोध:
इस घटना से देश भर के रेल कर्मियों में भारी नाराजगी है। इसी कड़ी में सासाराम रेलवे स्टेशन के स्टेशन सुपरिटेंडेंट, डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट समेत दर्जनों रेल कर्मचारियों और रेल संगठनों से जुड़े लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मार्च निकाला।
प्रदर्शन कर रहे रेल कर्मियों ने साफ शब्दों में कहा: "सुरक्षा के जिम्मेदार ही जब रेल अधिकारियों पर हाथ उठाने लगेंगे, तो व्यवस्था कैसे चलेगी? आगरा कैंट की घटना बेहद शर्मनाक है। हम मांग करते हैं कि डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट करने वाले दोषी आरपीएफ जवानों को तुरंत सस्पेंड कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।"
कैंडल मार्च के दौरान कर्मचारियों ने रेल प्रशासन के खिलाफ भी असंतोष जाहिर किया। कर्मियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यदि जल्द ही इस मामले में दोषियों को सजा नहीं मिलती है, तो रेलकर्मी आगे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए स्टेशन परिसर का माहौल पूरी तरह गरमाया रहा।