पकिस्तान ने किया अफगानिस्तान पर रात भर हवाई हमला
पाकिस्तानी सेना ने पूर्वी अफ़गानिस्तान में रात भर बड़े ज़मीनी ऑपरेशन और सीमा पार हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 36 लोग मारे गए और 160 से ज़्यादा घायल हो गए।
'द वाशिंगटन पोस्ट' और 'बीबीसी न्यूज़' की रिपोर्ट के अनुसार, इन सैन्य ऑपरेशनों में तीन सीमावर्ती प्रांतों पकतिया, पकतिका और कुनार के कई इलाकों को निशाना बनाया गया।
हताहतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे:
तालिबान का पक्ष: अफ़गान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने कहा कि रात भर हुई बमबारी में रिहायशी इलाकों और आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया गया। तालिबान अधिकारियों का कहना है कि मारे गए सभी 36 लोग और घायल हुए 163 लोग आम नागरिक थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल थे। तालिबान प्रशासन ने इस ऑपरेशन की औपचारिक रूप से निंदा करते हुए इसे "आक्रामकता का कृत्य" और "कायरतापूर्ण अपराध" बताया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पाकिस्तान का पक्ष: पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने घोषणा की कि "खुफिया जानकारी पर आधारित, सुनियोजित ऑपरेशनों" में 29 आतंकवादियों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया और मार गिराया गया। इस्लामाबाद ने कहा कि सेना ने सशस्त्र समूहों विशेष रूप से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और जमात-उल-अहरार गुट के खास ठिकानों और सुरक्षित पनाहगाहों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई हाल ही में पाकिस्तानी धरती पर हुए आतंकवादी हमलों के जवाब में की गई थी।
कूटनीतिक और सीमा पर तनाव बढ़ना: रात भर हुए हमलों के बाद, अफ़गानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तानी 'चार्ज डी अफेयर्स' (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया और हवाई क्षेत्र के उल्लंघन तथा नागरिक इलाकों में बमबारी को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। तनाव में यह भारी वृद्धि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से हुए पिछले युद्धविराम समझौतों के टूटने का संकेत है। पड़ोसी देशों के बीच महीनों से सीमा पार झड़पों और एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के कारण तनाव बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। पाकिस्तान लगातार तालिबान प्रशासन पर सीमा पार हमले करने वाले आतंकवादी गुटों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि काबुल इन आरोपों का लगातार खंडन करता रहा है। NBC 24 के लिए अफ़ीफ़ा निज़ामी की रिपोर्ट।