रामगढ़ भीषण हादसा: कोयला ट्रक ने सवारी गाड़ी को रौंदा, 8 की मौत

झारखंड के रामगढ़ में NH-23 पर भीषण सड़क हादसा। कोयला लदे ट्रक ने सवारी गाड़ी को मारी टक्कर, बैंड-ताशा पार्टी के सभी 8 सदस्यों की दर्दनाक मौत। पूरी खबर पढ़ें।

रामगढ़ भीषण हादसा: कोयला ट्रक ने सवारी गाड़ी को रौंदा, 8 की मौत
रामगढ़ में सड़क दुर्घटना (NBC 24)
Image Slider
Image Slider
Image Slider

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी - बरलौंग के पास (NH-23) बीती रात एक तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने सवारी वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में वाहन में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई है। हादसे के वक्त वाहन में आठ लोग मौजूद थे, जिनमें से सात ने अस्पताल ले जाते समय ही दम तोड़ दिया था। वहीं, गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स (RIMS) में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। आखिरी पीड़ित की मौत की पुष्टि मृतक के परिजनों ने की है।

इस दर्दनाक हादसे का शिकार हुए सभी लोग बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य थे, जो एक कार्यक्रम के सिलसिले में जा रहे थे। मृतकों में से तीन लोग एक ही परिवार के थे, जबकि दो सगे भाई थे। इस घटना के बाद से पीड़ितों के गांवों में कोहराम मच गया है।

मृतकों की पहचान: अनोद कुमार, डेविड करमाली, पप्पू करमाली, पवन करमाली, अशोक कुमार, शक्ति कुमार, हेमंत कुमार महतो, मनीष कुमार  के तौर पे हुई

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलसगरा के दो लोग और मारगमर्चा गांव के ताशा-बैंड पार्टी के सदस्य एक सवारी वाहन से मारगमर्चा आए थे। वहां से कार्यक्रम के लिए अन्य सदस्यों को लेकर गाड़ी वापस बलसगरा लौट रही थी। इसी दौरान बुध बाजार लारी-बरलौंग के समीप रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-23) पर रामगढ़ की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने ओवरटेक करने के चक्कर में सवारी वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सवारी गाड़ी के परखच्चे उड़ गए।

रामगढ़ सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने जानकारी दी कि सड़क दुर्घटना के बाद कुल आठ लोगों को अस्पताल लाया गया था। जिनमें से सात की मौत पहले ही हो चुकी थी, जबकि एक की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे रांची रेफर किया गया था (जिसकी बाद में मौत हो गई)। सभी शवों को पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है।

हादसे के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, NH-23 जाम : इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने एनएच-23 को पूरी तरह जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर तनाव को देखते हुए एसडीपीओ, रजरप्पा थाना प्रभारी, और रामगढ़ थाना पुलिस समेत कई थानों की फोर्स तैनात की गई। काफी समझाने-बुझाने और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया और यातायात बहाल हो सका।

इस हादसे ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बता दें कि इसी ब्लैक स्पॉट पर पिछले 4 दिनों के भीतर 10 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस खतरनाक टर्निंग या ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो आगे भी ऐसे हादसे होते रहेंगे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन पूरे इलाके में इस वक्त शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

मांगों को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण और नेता : हादसे से नाराज ग्रामीणों ने आजसू नेता पीयूष चौधरी और मुखिया रेखा देवी के नेतृत्व में एनएच-23 पर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आक्रोश इस बात पर था कि, पिछले तीन दिनों के भीतर इसी ब्लैक स्पॉट पर 12 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन जिला प्रशासन सो रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • सड़क का चौड़ीकरण किया जाए।
  • दुर्घटना संभावित क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट और डिवाइडर लगाए जाएं।
  • सुरक्षा की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल हों।

स्थिति को संभालने के लिए एसडीपीओ अनूप रंजन, हेडक्वार्टर डीएसपी अकरम रज्जा समेत रजरप्पा, रामगढ़ और गोला थाने की पुलिस फोर्स मौके पर डटी रही। पटना से NBC 24 के लिए अंकित कुमार की रिपोर्ट।