आरा-बक्सर जाने वाली बसों की शहर में नो-एंट्री, जानिए कब से शुरू हो रहा है 8 किमी लंबा बाईपास
सासाराम बाईपास का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। रोहतास डीएम दीपक कुमार मिश्रा के अनुसार अगले 8-10 दिनों में इस रूट पर भारी वाहनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।
सासाराम (रोहतास): सासाराम शहर के वासियों और इस रूट से गुजरने वाले मुसाफिरों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। सासाराम बाईपास सड़क का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है और अगले 8 से 10 दिनों के भीतर इसे आम जनता और भारी वाहनों के लिए शुरू किया जा सकता है। रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने निर्माण कार्य का खुद स्थलीय निरीक्षण करने के बाद यह बड़ा दावा किया है।
दूर हुई रेलवे ओवरब्रिज की बाधा:
बाईपास के निर्माण में रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के पहुंच पथ (एप्रोच रोड) को लेकर पिछले कुछ समय से थोड़ी तकनीकी दिक्कत आ रही थी, जिसे प्रशासन की मुस्तैदी से अब पूरी तरह दूर कर लिया गया है। लगभग 8 किलोमीटर लंबी इस एप्रोच सड़क का निर्माण कार्य अब शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कागजी और तकनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द ही इस नए बाईपास से बड़े वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से शुरू करा दिया जाएगा।
शहर में नहीं घुसेंगी आरा-बक्सर की बसें, नया रूट चार्ट तैयार:
इस बाईपास के शुरू होने से सासाराम के ट्रैफिक सिस्टम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा:
- नो-एंट्री: सासाराम से होकर बक्सर और आरा की ओर जाने वाली तमाम बड़ी बसें और भारी वाहन अब शहर के मुख्य बाजारों और सड़कों पर प्रवेश नहीं करेंगे।
- बाईपास रूट: ये सभी बसें अब सीधे बाईपास सड़क का इस्तेमाल करते हुए अपने गंतव्य के लिए निकल जाएंगी।
- शहर में प्रवेश: केवल डेहरी-ऑन-सोन की ओर जाने वाली बसों को ही शहर के अंदर आने की अनुमति होगी।
जाम की समस्या का होगा स्थायी अंत:
गौरतलब है कि आरा, बक्सर और पटना रूट की भारी गाड़ियों के शहर के बीच से गुजरने के कारण सासाराम में आए दिन घंटों लंबा महाजाम लगा रहता था। इससे न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि स्कूली बच्चों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी भारी किल्लत का सामना करना पड़ता था। जिला प्रशासन का मानना है कि इस बाईपास के चालू होने से सासाराम शहर को ट्रैफिक जाम की इस पुरानी और गंभीर समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।