TRE-4 में विलंब कर एनडीए सरकार लाखों युवाओं के जीवन से खिलवाड़ बंद करे- तेजस्वी यादव
प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर बोला हमला
PATNA: 17 महीनों की महागठबंधन सरकार में मेरी विशेष पहल पर शिक्षा विभाग को राजद कोटे में लेकर सर्वप्रथम युद्ध स्तर पर शिक्षा विभाग में TRE-1 और TRE-2 के अंतर्गत निर्धारित समय सीमा के अंदर बिना किसी पेपरलीक, संपूर्ण पारदर्शिता के साथ रिकॉर्ड 2,20,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देकर ज्वाइनिंग कराई। हमने TRE-3 की भी नियुक्ति प्रक्रियाधीन कराई लेकिन जनवरी 2024 में हमारे सरकार से हटते ही पेपरलीक के कारण TRE-3 को रद्द किया गया और फिर यह परीक्षा भी विलंब से हुई।
फिर चुनावी साल 2025 में वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने लिखा-लिखाया ट्वीट चिपका कर युवाओं से वादा किया था कि बिहार में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों की गणना कर जल्द ही TRE-4 परीक्षा आयोजित की जाएगी। आज उस घोषणा को लगभग एक वर्ष बीत चुका हैं लेकिन अब तक TRE-4 की वैकेंसी तक जारी नहीं हुई है।
BPSC कैलेंडर के अनुसार यह परीक्षा अगस्त 2024 में ही हो जानी चाहिए थी, लेकिन चुनाव आयोग, तंत्र और 10 हज़ारिया की बदौलत सत्ता हड़पने वाली कुर्सीबाज भाजपा-जदयू सरकार युवाओं की जरूरत को कभी समझ ही नहीं पाई। फिर साल 2025 के अक्टूबर में परीक्षा कराने की बात कही गई, ताकि चुनावी आचार संहिता लागू होते ही परीक्षा टल जाए, ऐसा ही हुआ। चुनाव हो गए, सरकार बन गई, महीनों बीत गए लेकिन आज भी शिक्षक अभ्यर्थी इंतजार ही कर रहे हैं।
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री रहते हुए 17 महीने में मैंने 5 लाख युवाओं को नौकरियां दी और 3,50,000 से अधिक नौकरियों की प्रक्रिया शुरू करवाई। लेकिन आज की डबल इंजन सरकार बार-बार अकारण परीक्षा टालकर बहाना बनाकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। अभ्यर्थियों की आयु सीमा पार हो रही है, उनका धैर्य जवाब दे रहा है। हर युवा नौकरी पाकर अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाना चाहता है, अपने परिजनों के सपनों को पूरा करना चाहता है।
भले ही चुनाव जीतने के लिए भाजपा-जदयू ने बड़े-बड़े झूठे आसमानी वादे किए हों लेकिन ये युवाओं के हित से जुड़ा मामला है। मेरी एनडीए सरकार से अपील है कि TRE-4 की वैकेंसी अविलंब जारी की जाए। क्योंकि यह लाखों युवाओं के भविष्य और उनके परिवार की उम्मीदों का मामला है। मेरी अपील है कि कुर्सी की अदला-बदली में भाजपा-जदयू सरकार बिहार के लाखों युवाओं के हक-अधिकार, मांगों, आकांक्षाओं, उम्मीदों और सपनों का क़त्ल ना करे। पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट।