पटना हुआ पाटलिपुत्र, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नया ऐलान।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में बनने वाली नई सैटेलाइट टाउनशिप का नाम बदलकर 'पाटलिपुत्र' करने का बड़ा ऐलान किया है। सरकार पटना को उसकी प्राचीन और ऐतिहासिक पहचान से जोड़ने के लिए इस नए शहर को 'पाटलिपुत्र' नाम दे रही है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में प्रस्तावित नई सैटेलाइट टाउनशिप का नाम 'पाटलिपुत्र' करने का बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने यह ऐतिहासिक घोषणा पटना के फुलवारीशरीफ के नदियावां में आयोजित प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर कार्यक्रम के दौरान की।
इस नई टाउनशिप और मुख्यमंत्री के विजन से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
ऐतिहासिक पहचान की बहाली: मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटलिपुत्र पटना का प्राचीन नाम है, जो मगध साम्राज्य की राजधानी और देश की पहचान रहा है। इस पहल से शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई प्रमुखता मिलेगी।
'बड़ा पटना' और अत्याधुनिक सुविधाएं: सरकार 'बड़े पटना' की कल्पना पर काम कर रही है। लगभग 60,000 से 81,000 एकड़ भूमि पर फैलने वाली यह टाउनशिप बिहार की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड सैटेलाइट सिटी बनेगी। इसमें फिनटेक सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, लॉजिस्टिक हब और ज्यूडिशियल एकेडमी जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
कनेक्टिविटी: इस नए शहर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे और सिक्स लेन रोड यहाँ से गुजरेंगे।
किसानों को अधिक मुआवजा: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आश्वस्त किया कि टाउनशिप परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले किसानों को आज मिल रहे मुआवजे से भी अधिक (चार गुना तक) मुआवजा सीधे उनके खातों में दिया जाएगा।
11 नई सैटेलाइट टाउनशिप: बिहार सरकार राज्य में कुल 11 नई आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने जा रही है। इन सभी का नामकरण उनके ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व (जैसे गया में 'मगध' और मुंगेर में 'अंग') के आधार पर किया जाएगा।इस संबंध में सरकार जल्द ही कैबिनेट में औपचारिक प्रस्ताव लेकर आएगी ताकि पटना की इस नई टाउनशिप को आधिकारिक तौर पर 'पाटलिपुत्र' नाम दिया जा सके। मुख्यमंत्री के इस कदम से कंकड़बाग जैसी पुरानी परियोजनाओं के बाद अब पटना को एक नई, व्यवस्थित और आधुनिक ग्लोबल पहचान मिलने की उम्मीद है। NBC 24 के लिए पटना से अफ़ीफ़ा निज़ामी की रिपोर्ट।