दक्षिण अफ्रीका ने रचा इतिहास , पहली बार पुरुषों के फीफा विश्व कप में क्वालीफाई किया
दक्षिण अफ्रीका ने अपने इतिहास में पहली बार पुरुषों के फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण के लिए आधिकारिक तौर पर क्वालीफाई किया है।
मोंटेरी में दक्षिण कोरिया के खिलाफ़ 1-0 की रोमांचक जीत के बाद बाफ़ाना बाफ़ाना ने 'राउंड ऑफ़ 32' में अपनी ऐतिहासिक जगह पक्की कर ली। विंगर थापेलो मासेको ने 63वें मिनट में बाएं पैर से निर्णायक विजयी गोल किया, जिससे पूरे देश में जश्न का माहौल बन गया और दक्षिण अफ़्रीका ग्रुप में रनर-अप के तौर पर आगे बढ़ गया।
बुधवार रात दक्षिण अफ्रीका की 'बाफाना बाफाना' टीम ने इतिहास रच दिया। उन्होंने एस्टाडियो मोंटेरी में दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराकर पहली बार पुरुषों के फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई। विंगर थापेलो मासेको ने 63वें मिनट में मैच जिताने वाला ऐतिहासिक गोल किया। इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका 4 पॉइंट्स के साथ ग्रुप A में दूसरे स्थान पर आ गया और नए शुरू किए गए 'राउंड ऑफ़ 32' में अपनी जगह पक्की कर ली।
मैच का सारांश: कैसे बना इतिहास
निर्णायक पल (63'): एक तेज़ जवाबी हमले (काउंटर-अटैक) के बाद, त्शेपांग मोरेमी ने थापेलो मासेको को सटीक पास दिया। मासेको ने गेंद को अपने बाएं पैर पर लिया और नीचे दाईं ओर के कोने में एक शानदार, ज़मीनी शॉट मारा। |
मज़बूत डिफेंस: दक्षिण कोरिया का गेंद पर कब्ज़ा (पज़ेशन) 69.3% रहा, लेकिन वे दक्षिण अफ्रीका के अनुशासित डिफेंस के सामने संघर्ष करते दिखे। गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स और डिफेंडर ऑब्रे मोडिबा जिन्होंने दूसरे मिनट में गोल लाइन से दक्षिण कोरिया के हेडर को रोका था ने 'क्लीन शीट' बनाए रखने के लिए मज़बूती से बचाव किया।
रणनीतिक दांव-पेच: दक्षिण कोरिया के मैनेजर म्युंग-बो होंग ने सुपरस्टार सोन ह्युंग-मिन को बेंच पर बिठाने का साहसी फ़ैसला लिया। हालांकि सोन को हाफटाइम में मैदान पर उतारा गया, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने उन्हें खेलने के लिए बहुत कम जगह दी, जिससे दक्षिण कोरिया की 'एक्सपेक्टेड गोल्स' (xG) रेटिंग सिर्फ़ 0.63 रही। NBC 24 के लिए अफ़ीफ़ा निज़ामी की रिपोर्ट ।