BAT-BMS ऐप पर लगा दी रोक, भारत सरकार ने ऐप हटाने का दिया निर्देश

BAT-BMS ऐप (जिसे Shenzhen Grenergy Technology ने बनाया है) हाल ही में भारत में बड़े पैमाने पर वायरल हुए प्रैंक (मज़ाक) की वजह से विवादों में आ गया है।

BAT-BMS ऐप पर लगा दी रोक, भारत सरकार ने  ऐप हटाने का दिया निर्देश
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शरारती लोग इस असली बैटरी मॉनिटरिंग टूल का इस्तेमाल करके ई-रिक्शा में लगे असुरक्षित, सस्ते ब्लूटूथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट हो जाते हैं और चलते-फिरते गाड़ी की पावर सप्लाई बंद कर देते हैं। साइबर सुरक्षा, ट्रैफिक से जुड़े खतरों और आम कामगारों को होने वाली परेशानी को देखते हुए, भारत सरकार ने कथित तौर पर बड़े प्लेटफॉर्म्स को Google Play Store और Apple App Store से BAT-BMS ऐप हटाने का निर्देश दिया है।

इसका गलत इस्तेमाल कैसे होता है: यह ऐप असल में EV मालिकों के लिए बनाया गया था ताकि वे Bluetooth 5.0 के ज़रिए अपनी लिथियम-आयन बैटरी का चार्ज लेवल (SOC), वोल्टेज, तापमान और सेल की सेहत की जांच कर सकें। हालांकि, कई सस्ते ई-रिक्शा में चीन में बने बैटरी पैक इस्तेमाल होते हैं जिनमें ब्लूटूथ सुरक्षा के बहुत कम या कोई फ़ीचर नहीं होते।

कमी (Loophole): असुरक्षित बैटरी सिस्टम की वजह से 10-15 मीटर के दायरे में मौजूद कोई भी फ़ोन बिना पासवर्ड वेरिफ़िकेशन के कनेक्ट हो सकता है।

पावर कट-ऑफ़: एक बार कनेक्ट होने के बाद, ऐप के अंदर "डिस्चार्ज स्विच" को बंद करते ही बैटरी पैक से मोटर तक जाने वाली पावर तुरंत कट जाती है, जिससे चलती हुई ई-रिक्शा अचानक रुक जाती है।

ई-रिक्शा ड्राइवर खुद को कैसे बचा सकते हैं: अगर आप ई-रिक्शा ड्राइवर या मालिक हैं और अपनी गाड़ी को बिना इजाज़त बंद होने से बचाना चाहते हैं, तो इन दो असरदार तरीकों का इस्तेमाल करें:

बैटरी का ब्लूटूथ मैन्युअल रूप से बंद करें: अपने ई-रिक्शा के लिथियम-आयन बैटरी पैक के ऊपर लगे बटन को ढूंढें। इस बटन को 5 से 10 सेकंड तक दबाकर रखें। ऐसा करने से बैटरी का ब्लूटूथ ब्रॉडकास्टिंग मॉड्यूल पूरी तरह बंद हो जाएगा, यानी शरारती लोगों को उनके ऐप स्कैन में आपकी गाड़ी नहीं दिखेगी।

आधिकारिक ऐप के ज़रिए कनेक्शन सुरक्षित करें: अपनी बैटरी की ब्लूटूथ सेटिंग को फ़ैक्ट्री डिफ़ॉल्ट पर न छोड़ें। अपनी बैटरी बनाने वाली कंपनी का आधिकारिक ऐप खोलें। बाहरी डिवाइस को कनेक्ट होने से रोकने के लिए डिफ़ॉल्ट पासवर्ड को बदलकर एक मज़बूत, पर्सनल पिन सेट करें। या फिर, अपने फ़ोन को हर समय बैटरी डैशबोर्ड से कनेक्ट करके रखें, क्योंकि ज़्यादातर स्मार्ट बैटरी एक बार में सिर्फ़ एक फ़ोन कनेक्शन की इजाज़त देती हैं। NBC 24  के लिए पटना से अफ़ीफ़ा निज़ामी की रिपोर्ट।