Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब; 4 दिनों में 85 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
अमरनाथ यात्रा के शुरुआती 4 दिनों में ही 85 हजार से ज्यादा भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं का जोश हाई है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
श्रीनगर: पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) में इस बार श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि महज चार दिनों के भीतर ही 85,779 श्रद्धालु पवित्र गुफा मंदिर में माथा टेक चुके हैं। सोमवार को एक ही दिन में रिकॉर्ड 28,818 भक्तों ने बाबा अमरनाथ के दर्शन किए। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों का आंकड़ा लगातार तेजी से बढ़ रहा है।
खराब मौसम पर भारी पड़ी शिवभक्तों की आस्था
बीते सोमवार को अमरनाथ यात्रा मार्ग के कई इलाकों में दिनभर तेज बारिश होती रही। हालांकि, इस खराब मौसम और कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। भक्त पूरे उत्साह के साथ बालटाल और पहलगाम, दोनों ही मार्गों से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक पहुंचे और बाबा बर्फानी के अलौकिक रूप के दर्शन किए।
वापसी के लिए भक्तों की पहली पसंद बना 'बालटाल मार्ग'
दर्शन करने के बाद सोमवार शाम को अधिकांश श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बालटाल बेस कैंप लौट आए। अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप से वापस लौटने में 3 से 4 दिन का समय लग जाता है। यही वजह है कि पहलगाम मार्ग से जाने वाले अधिकांश श्रद्धालु भी वापसी के लिए बालटाल मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि इस रास्ते से वे उसी दिन बेस कैंप तक वापस लौट आते हैं।
यात्रा मार्ग पर रौनक: चप्पे-चप्पे पर सुविधाएं
इस समय बालटाल और नुनवान बेस कैंपों में देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की चहल-पहल से पूरा माहौल शिवमय हो गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों ने बेहतरीन इंतजाम किए हैं:
निःशुल्क लंगर: पूरे यात्रा मार्ग पर जगह-जगह लंगर लगाए गए हैं, जहां यात्रियों को चौबीसों घंटे शुद्ध और गर्म भोजन मिल रहा है।
ठहरने की व्यवस्था: बालटाल से लेकर पवित्र गुफा तक हजारों वॉटरप्रूफ टेंट लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को रात गुजारने में कोई परेशानी न हो।
लाइव मौसम अपडेट: प्रशासन पब्लिक एड्रेस सिस्टम (सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली) के जरिए लगातार मौसम की जानकारी दे रहा है, जिससे यात्री अपनी आगे की योजना आसानी से बना पा रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: तैनात है 4-स्तरीय सुरक्षा चक्र
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक चार-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। ऊंचाई वाले इलाकों और दोनों रास्तों पर भारतीय सेना के जवान मुस्तैद हैं, जबकि बेस कैंपों की सुरक्षा का जिम्मा सीआरपीएफ संभाल रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में पूरी मुस्तैदी से सहयोग दे रही है।
प्रशासन की सख्त हिदायत: बिना रजिस्ट्रेशन नो एंट्री!
जम्मू में भी इस समय देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं का भारी हुजूम देखा जा रहा है। तवी रिवरफ्रंट, राम मंदिर, पुरानी मंडी और गीता भवन स्थित टोकन काउंटरों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं।
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अपनी पंजीकरण तिथि (Registration Date) अनुसार ही यात्रा के लिए आएं। बिना पंजीकरण के या तय तारीख से पहले आने वाले किसी भी श्रद्धालु को बेस कैंपों की ओर जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। NBC 24 के लिए पटना से अंकित कुमार की रिपोर्ट।