सरकारी दफ्तरों का झंझट खत्म, कलेक्ट्रेट में खुला सहायत केंद्र..

सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति! डीएम वर्षा सिंह ने बुजुर्गों और महिलाओं के हाथों कराया 'सहायता केंद्र' का उद्घाटन। अब एकल खिड़की पर मिलेगी पूरी जानकारी।

सरकारी दफ्तरों का झंझट खत्म, कलेक्ट्रेट में खुला सहायत केंद्र..
समाहरणालय में 'सहायता केंद्र' की शुरुआत, डीएम वर्षा सिंह ने बुजुर्गों व महिलाओं के हाथों कराया उद्घाटन
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हाजीपुर। आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और दफ्तरों की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक शानदार और मानवीय पहल की है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह की मौजूदगी में समाहरणालय परिसर में नवनिर्मित 'सहायता केंद्र' का भव्य उद्घाटन कराया गया। खास बात यह रही कि इस केंद्र का फीता किसी नेता या वरिष्ठ अधिकारी ने नहीं, बल्कि जिले के आम बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों के हाथों कटवाया गया।

अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग या बुजुर्ग जानकारी के अभाव में संबंधित विभाग का कार्यालय नहीं ढूंढ पाते हैं और समाहरणालय परिसर में इधर-उधर भटकते रहते हैं। जनता की इसी परेशानी को दूर करने के लिए डीएम वर्षा सिंह ने समाहरणालय में ही एकल खिड़की व्यवस्था के तौर पर इस सहायता केंद्र की नींव रखी है।

डीएम वर्षा सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा: "सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं तभी पूरी तरह सफल होंगी, जब उनकी सही और सटीक जानकारी आम आदमी तक पहुंचेगी। यह सहायता केंद्र प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता की सुविधा की दिशा में एक अहम कदम है।"

अब यदि कोई भी नागरिक किसी प्रमाण-पत्र, सरकारी योजना या किसी विभागीय कार्य के सिलसिले में समाहरणालय आता है, तो उसे इस सहायता केंद्र पर तैनात कर्मी पूरा और सही मार्गदर्शन देंगे।

  • कौन सा फॉर्म भरना है?
  • किस काउंटर पर जाना है?
  • किस अधिकारी से और कब मिलना है?

इन सभी सवालों के जवाब नागरिकों को अब केवल एक ही स्थान पर मिल जाएंगे।

बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीणों को मिलेगी सबसे ज्यादा राहत:

इस सहायता केंद्र के चालू होने से सबसे अधिक लाभ उन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों, बुजुर्गों और महिलाओं को होगा जो पहली बार या किसी जटिल काम के लिए जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। अब बिना किसी बिचौलिए या भटकन के, लोग सीधे अपने संबंधित कार्य के लिए सही जगह पहुंच सकेंगे।