सावन के दूसरे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजा कांवरिया पथ

सावन माह के दूसरे दिन विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए। ‘बोल बम’ के जयघोष से कांवरिया पथ शिवमय हो उठा। इस दौरान लखीसराय के एक श्रद्धालु घुटनों के बल देवघर की यात्रा करते हुए श्रद्धा का अनूठा उदाहरण पेश कर रहे हैं।

सावन के दूसरे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजा कांवरिया पथ
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भागलपुर/सुल्तानगंज: सावन माह के दूसरे दिन विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुल्तानगंज की पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर लाखों कांवरिये 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना हुए। पूरे कांवरिया पथ पर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

श्रद्धालु छोटे-छोटे बच्चों और परिवार के साथ उत्साहपूर्वक यात्रा करते नजर आए। कई कांवरियों ने बताया कि वे हर वर्ष सावन में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं। उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से उन्हें पूरी यात्रा के दौरान नई ऊर्जा और आत्मिक शांति का अनुभव होता है।

इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष आकर्षण का केंद्र लखीसराय जिले के सुबोध कुमार रहे, जो बाबा भोलेनाथ की आराधना के लिए घुटनों के बल चलकर देवघर जा रहे हैं। उनकी कठिन तपस्या और अटूट श्रद्धा को देखकर अन्य श्रद्धालु भी भाव-विभोर हो रहे हैं।

श्रद्धालुओं ने कांवरिया पथ पर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने बताया कि पेयजल, विश्राम शिविर, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा के बेहतर इंतजाम के कारण इस बार की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित महसूस हो रही है।

सावन की पावन बेला में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का यह विराट संगम एक बार फिर यह संदेश दे रहा है कि बाबा भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास ही कठिन से कठिन यात्रा को भी भक्तों के लिए आनंदमय बना देता है।