फर्ज का लोकार्पण : भोजपुर के क्रांतिकारी आंदोलन की दास्तान
भाकपा (माले) राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन प्रतिनिधि सत्र का समापन सुप्रसिद्ध जनवादी कथाकार और जनगीतकार विजेंद्र अनिल के तीसरे कहानी संग्रह 'फर्ज' के लोकार्पण से हुआ। यह संग्रह उनके निधन के उन्नीस साल बाद प्रकाशित हुआ है।
पटनाः भाकपा (माले) राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन प्रतिनिधि सत्र का समापन सुप्रसिद्ध जनवादी कथाकार और जनगीतकार विजेंद्र अनिल के तीसरे कहानी संग्रह 'फर्ज' के लोकार्पण से हुआ। यह संग्रह उनके निधन के उन्नीस साल बाद प्रकाशित हुआ है।
इस संग्रह की कहानियों में भोजपुर के क्रांतिकारी किसान आंदोलन की छवि है। भाकपा (माले) के इतिहास और उसके संघर्षों को समझने की दृष्टि से ये ऐतिहासिक दस्तावेज की तरह हैं। विजेंद्र अनिल की कहानियाँ आज भी जनांदोलनों के लिए प्रेरणा का कार्य करती हैं।
'फर्ज' का लोकार्पण भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य, माले केंद्रीय कमिटी सदस्य और काराकाट के सांसद का. राजाराम सिंह, महिला संगठन ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव का. मीना तिवारी, भाकपा (माले) राज्य कमिटी सदस्य का. मंजू प्रकाश, जन संस्कृति मंच के राज्य अध्यक्ष कवि-आलोचक जितेंद्र कुमार, जसम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र प्रसाद सुमन, समकालीन लोकयुद्ध के संपादक का. संतोष सहर, इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और डुमरांव के पूर्व विधायक का. अजित सिंह कुशवाहा और जसम के राष्ट्रीय सचिव सुधीर सुमन ने किया। पटना से एनबीसी 24 के लिए कुमार गौतम की रिपोर्ट।