औरंगाबाद में सुहागिनों ने किया वट सावित्री व्रत, पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष की पूजा
औरंगाबाद:जिला मुख्यालय से लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों तक आज सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत का अनुष्ठान किया। सुबह से ही वट वृक्षों के नीचे महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
औरंगाबाद:जिला मुख्यालय से लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों तक आज सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत का अनुष्ठान किया। सुबह से ही वट वृक्षों के नीचे महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
सोलह श्रृंगार से सजी महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर, कच्चा सूत लपेटकर और फल-फूल चढ़ाकर अपने पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना की।
पौराणिक मान्यता: महिलाओं का मानना है कि इसी दिन सती सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे पूजा कर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लिए थे।
तभी से सुहागिनें यह व्रत करती आ रही हैं। पुरोहित महेंद्र मिश्रा ने बताया:ज्येष्ठ मास की अमावस्या को यह व्रत किया जाता है।
सावित्री ने पति सत्यवान की अल्पायु जानकर वट वृक्ष और ब्रह्मा जी की आराधना की थी। जो महिला पतिव्रता धर्म का पालन करते हुए आज वित्री-सत्यवान की कथा सुनती है और पति सेवा में समर्पित रहती है, उसे मनवांछित फल मिलता है।" आज पूरे जिले में वट वृक्षों के पास आस्था और श्रद्धा का माहौल रहा। औरंगाबाद बिहार से दीनानाथ मौआर का रिपोर्ट