छत्तीसगढ़ में नक्सली अभियान के दौरान औरंगाबाद के लाल राकेश कुमार शहीद, खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम
छत्तीसगढ़ में नक्सली अभियान के दौरान औरंगाबाद के लाल राकेश कुमार शहीद
बिहार: औरंगाबाद वासियों ने अभी कुछ दिन पूर्व हुए एक जवान का शहादत की ग़म भुला भी नहीं था कि आज एक बार फिर छत्तीसगढ़ के घने जंगा में नक्सली मुठभेड़ के दौरान आई आंधी तूफान के बीच भी अपनी कर्तव्य को निभाते औरंगाबाद का लाल शहीद हो गया जिसकी पहचान हसपुरा थाना क्षेत्र के धमनी ग्राम निवासी अर्जुन चौधरी उर्फ डोमन चौधरी के पुत्र 30वर्षीय राकेश कुमार के रूप में किया गया है , आज जैसे ही उनकी मौत की खबर उनके पैतृक गांव हसपुरा थाना क्षेत्र के धमनी टोला सम्भों गांव पहुंचा वैसे ही गांव में मातमी सन्नाटा पसार गईं और परिजनों में कोहराम मच गई, परिजनों दहाड़ मार कर रोने लगे ,
वही घटना की जानकारी देते हुए शहीद के परिजनों ने बताया कि 2012 में उनकी बहाली हुई थी आज वह सीआरपीएफ के 210कोबरा बटालियन के हिसा थे फिलहाल उनकी पोस्टिंग छत्तीसगढ़ में हुई थी , कल यानी मंगल वार को वह चाइबासा के सारंडा के जंगल में चल रहे नक्सली अभियान का वह हिस्सा थे, हालांकि पूर्व में शहीद जवान ने तीन नक्सलियों को मूठभेड़ धराशाई कर दिया था जिसको लेकर उन्हें पुरस्कृत तथा पदोन्नति भी किया गया था, बताया जाता है कि नक्सलियों के साथ चल रही आमने सामने के मुठभेड़ के बीच तेज आंधी तूफान आ गया और जंगल का एक पेड़ टूटकर उनके ऊपर गिर गया जिसमें वह बुरी तरह से जख्मी हो गए थे मौके पर मौजूद जवानों ने उन्हें इलाज हेतु चाइबासा हॉस्पिट लाया जा डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया ,जिसके बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से झारखंड के राची लाया गया और एक निजी हॉस्पिटल में उनकी इलाज चल रही थी ,आज इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई,
वही शहीद जवान अपने पिता के सबसे बड़े लड़के थे उनकी शादी 2014 में हुई थी आज उन्होंने अपने पीछे तीन बेटी तथा एक पुत्र को छोड़ कर देश के आन बान शान को बचाने के लिए शहीद हो गए
आपको बतादू की झारखंड के रांची से आज रात्रि में उनकी पार्थिक शरीर, उनके पैतृक गांव हसपुरा के नीमा लाई जाएगी, और कल सुबह राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा जिसको लेकर उनके पैतृक गांव में लोगों का आना जाना शुरू हो गया है,
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