TRE-4 लाठीचार्ज के खिलाफ सम्राट चौधरी का पुतला दहन
अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षक बहाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे TRE-4 अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किया गया बर्बर लाठीचार्ज भाजपा–जदयू सरकार की दमनकारी मानसिकता का खुला प्रदर्शन है। भाकपा–माले, आइसा और आरवाईए ने इस पुलिसिया दमन की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने की साजिश है।
पटना 9 मई 2026ः पटना में 8 मई 2026 को अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षक बहाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे TRE-4 अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किया गया बर्बर लाठीचार्ज भाजपा–जदयू सरकार की दमनकारी मानसिकता का खुला प्रदर्शन है। भाकपा–माले, आइसा और आरवाईए ने इस पुलिसिया दमन की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने की साजिश है।
जिन युवाओं के हाथों में कल देश और समाज की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी, आज उसी युवा पीढ़ी को अपराधियों की तरह सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जा रहा है। इस लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थियों के सिर फट गए, दर्जनों घायल हुए तथा महिला अभ्यर्थियों के साथ क्रूरतापूर्ण और अमानवीय व्यवहार किया गया। यह केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि रोजगार और अधिकार की मांग उठाने वाले नौजवानों के खिलाफ राज्य प्रायोजित दमन है।
बिहार में लाखों पद खाली पड़े हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन सरकार बहाली निकालने के बजाय युवाओं पर लाठियां बरसा रही है। भाजपा–जदयू सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। जब-जब नौजवान अपने हक, रोजगार और शिक्षा के सवाल पर सड़कों पर उतरते हैं, तब-तब सरकार पुलिस बल के जरिए आंदोलन को कुचलने का प्रयास करती है।
भाकपा–माले, आइसा और आरवाईए ने मांग की है कि तत्काल TRE-4 की वैकेंसी जारी की जाए, अभ्यर्थियों की सभी जायज मांगों को पूरा किया जाए, लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा घायल अभ्यर्थियों के इलाज और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इन मांगों और छात्रों-नौजवानों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ भाकपा–माले, आइसा और आरवाईए के संयुक्त आह्वान पर 10 मई 2026 को राज्यभर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट।