नवादा में शराब माफियाओं ने थाना के सामने ही चाकू मारकर की चौकीदार की हत्या, छह महीने पहले मिली थी जान से मारने की धमकी

अपराधियों ने धमौल थाना के बाहर ड्यूटी कर वापस जा रहे चौकीदार जितेंद्र पासवान को अपराधियों ने पेट में चाकू घोप दिया

नवादा में शराब माफियाओं ने थाना के सामने ही चाकू मारकर की चौकीदार की हत्या, छह महीने पहले मिली थी जान से मारने की धमकी
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नवादा: नवादा के धमौल थाना के ठीक सामने सोमवार की देर शाम अपराधियों ने खूनी खेल खेला है. जिसने पूरे इलाके में दहशत और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं...अपराधियों ने देर शाम साढ़े आठ बजे के करीब धमौल थाना के बाहर ड्यूटी कर वापस जा रहे चौकीदार जितेंद्र पासवान को अपराधियों ने पेट में चाकू घोप दिया। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने धमौल थाना की गाड़ी को भी अपना शिकार बनाया।घटना को लेकर चौकीदार की पत्नी ने बताया कि तुर्कवन में शराब की बिक्री की जाती थी, जिसकी सूचना चौकीदार होने के नाते जितेंद्र द्वारा दी जाती थी। जिससे खार खाए तुर्कवन के आनंदी यादव के पुत्र रामपत कुमार द्वारा पेट में चाकू घोप दिया।

वहीं घटना में घायल चौकीदार जितेंद्र पासवान ने भी पकरीबरावां थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रंजन चौधरी को बयान देते हुए बताया कि वह धमौल थाना से ड्यूटी कर वापस लौट रहा था, तभी अचानक रामपत एवं चार लोग उनके साथ आए और उनपर चाकू से हमला कर दिया । इधर घटना में बुरी तरह घायल चौकीदार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पकरीबरावां लाया गया, जिन्हें चिंताजनक स्थिति में पावापुरी बीम्स रेफर कर दिया गया है। चौकीदार को इलाज के क्रम में मौत हो गई।

घायल चौकीदार की पत्नी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि तुर्कवन गांव में अवैध शराब बिक्री की सूचना चौकीदार जितेंद्र पासवान द्वारा लगातार पुलिस को दी जाती थी. इसी बात से नाराज होकर तुर्कवन निवासी आनंदी यादव के पुत्र रामपत कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जानलेवा हमला किया है. घायल चौकीदार जितेंद्र पासवान ने भी पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह धमौल थाना से ड्यूटी कर घर लौट रहे थे. तभी रास्ते में रामपत कुमार समेत चार-पांच लोगों ने उन्हें घेर लिया और अचानक चाकू से हमला कर दिया.

पत्नी ने खुलासा किया कि लगभग छह माह पूर्व भी आरोपितों ने उनके पति को जान से मारने की धमकी दी गई थी. इस संबंध में धमौल थाना में लिखित शिकायत भी दी गई थी. लेकिन यदि समय रहते कार्रवाई हुई होती तो शायद आज यह नौबत नहीं आती.अब इस मामले ने पुलिस की कार्यशैली और सूचना तंत्र पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है.