गयाजी में 40 देश से आए विदेशी श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान, अमेरिका-ईरान युद्ध में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए किया कर्मकांड
विश्व के 40 देश से आए लगभग 76 विदेशी श्रद्धालुओं ने गया शहर के फल्गु नदी के तट पर स्थित देवघाट पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान कर्मकांड किया.
गयाजी: अंतरराष्ट्रीय सनातन विराट सम्मेलन में भाग लेने के लिए सात समंदर पार से विदेशी श्रद्धालु मोक्ष नगरी गयाजी पहुंचे हैं. सोमवार को अमेरिका, रूस, यूक्रेन और कनाडा सहित 40 देशों से आए इन भक्तों ने सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की. इन सभी विदेशी श्रद्धालुओं का नेतृत्व अमेरिकी निवासी जगतगुरु मां साईं लक्ष्मी देवी कर रही हैं.
विश्व के 40 देश से आए लगभग 76 विदेशी श्रद्धालुओं ने गया शहर के फल्गु नदी के तट पर स्थित देवघाट पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान कर्मकांड किया. स्थानीय पंडा द्वारा पूरे विधि विधान से पिंडदान कर्मकांड को संपन्न कराया गया.

स्थानीय पंडा छोटू बारिक ने बताया कि 76 श्रद्धालुओं के द्वारा अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान कर्मकांड किया गया है. इन लोगों की सनातन धर्म में आस्था रही है, इसी को लेकर ये लोग गया जी पहुंचे हैं और देवघाट पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान कर्मकांड किया है. इसके अलावा इन्होंने अमेरिका-ईरान-रूस युद्ध में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए भी पिंडदान कर्मकांड किया है.
अमेरिका, फ्रांस,कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, रसिया सहित विभिन्न 40 देश के लगभग 76 की संख्या में रहे विदेशियों के द्वारा पिंडदान कर्मकांड किया गया है. इनकी आस्था सनातन धर्म व धर्म के प्रचार प्रसार में रही है. यही वजह है कि इतनी ज्यादा संख्या में एक साथ इन्होंने आज पिंडदान कर्मकांड को संपन्न किया है.
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