डीएम ने रामनवमी जुलूस पर रोक लगाकर दुकानों के लिये जारी किया गाइडलाइन

डीएम ने रामनवमी जुलूस पर रोक लगाकर दुकानों के लिये जारी किया गाइडलाइन

NBC24 डेस्क पटना। राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर इसे नियंत्रित करने के लिए एक तरफ जहां सरकार के साथ इसके नुमाइंदें दृढ संकल्पित होकर इससे जुड़े गाइडलाइन जारी कर चुके हैं वहीं स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करने के बाद प्रशासन ने रामनवमी जुलूस पर भी रोक लगा दिया। प्रशासन के इस निर्देश के बाद 21 अप्रैल को शाम में निकलने वाली रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन नहीं किया जायेगा। इसे देखते हुये भोजपुर के डीएम बड़ा फैसला लिया। डीएम रोशन कुशवाहा ने यह आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया कि इस वर्ष भी कोविड संक्रमण को देखते हुए रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन नहीं किया जायेगा। डीएम ने रविवार को जिले के आलाधिकारियों के साथ कोरोना से उत्पन्न हालात की समीक्षा बैठक की और इसी दौरान उन्होंने अफसरों को कई दिशा-निर्देश दिये। भोजपुर डीएम रोशन कुशवाहा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के सरकारी व गैर सरकारी आयोजनों पर अप्रैल माह के अंत तक रोक रहेगी।

विशेष तौर पर चैत नवरात्र, रामनवमी और अन्य पर्व के अवसर पर पूजा पंडालों का निर्माण, जुलूस, शोभायात्रा पर रोक के साथ अन्य किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन पर पूर्णतः रोक रहेगी। इसके लिये डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में शापिंग कम्प्लेक्स के मालिकों के साथ बैठक करते हुए शापिंग कम्प्लेक्स का संचालन सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार ही किया जायेगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का उपयोग अनिवार्य रहेगा। इसके साथ भोजपुर जिले के गोला सब्जी बाजार, स्टेशन के पास सब्जी बाजार, पकड़ी चौक, बाजार समिति, नवादा चौक,शिवगंज सहित अन्य स्थानों पर सब्जी दुकानों के पास काफी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। डीएम ने आरा के एसडीओ और डीएसपी को इन स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने और मास्क का उपयोग कराना सुनिश्चित करने का आदेश दिया। नगर आयुक्त, नगर निगम आरा और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया कि पॉलीथिन का उपयोग करने वाले दुकानदारों की जांच करते हुए उनसे जुर्माना वसूलने की कार्रवाई करेंगे।

इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 50 प्रतिशत क्षमता से अधिक किसी भी परिस्थिति में नहीं रहने दिया जायेगा। इस संदर्भ में जिला परिवहन पदाधिकारी, भोजपुर और मोटर यान निरीक्षक, आरा को निर्देश दिया गया कि बस स्टैण्ड, टैम्पु स्टैण्ड आदि स्थानों पर छापेमारी करते हुए वैसे वाहन जो 50 प्रतिशत से अधिक क्षमता के साथ चल रहे हैं उन वाहनों को जब्त करते हुए आगे कार्रवाई करें। आपको बता दें कि देशभर में कोरोना महामारी की दूसरी लहर बड़ी तेजी से बढ़ रही है। बिहार में भी कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गयाऔर नीतीश सरकार 11 अप्रैल तक बिहार के सारे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग या अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया लेकिन शिक्षकों और परीक्षाओं के लिए स्कूल-कॉलेज खुले रहेंगे। इस संदर्भ में अपर मुख्य सचिव ने डीएम और जिला शिक्षा पदाधिकारी को आदेश जारी कर दिया।

आदेश में कहा गया कि शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए स्कूल-कॉलेज खुले रहेंगे। ये लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे। आर्डर में ये भी कहा गया कि पहले से निर्धारित परीक्षाएं ली जाएंगी। कोरोना की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं का आयोजन किया जायेगा और सभी स्कूल और कॉलेजों को एग्जाम के बाद सेनेटाइज किया जायेगा। गौरतलब हो कि इससे पहले शनिवार को बिहार में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए आपदा प्रबंधन समूह (सीएमजी) की बैठक हुई थी । इस मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने के बारे में आपदा प्रबंधन समूह विचार करे। सीएम के आदेश के कुछ देर बाद कोरोना क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने यह निर्णय किया कि एक सप्ताह के लिए 5 से 11 अप्रैल तक राज्य के सारे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग या अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।

आपको बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान पिछले साल 13 मार्च 2020 को राज्य भर के शैक्षणिक संस्थानों को बंद किया गया था। इसके बाद करीब नौ माह के अंतराल पर चार जनवरी, 2021 को नौवीं से 12 वीं कक्षा और कॉलेजों को इस शर्त के साथ खोला गया कि एक दिन में 50 प्रतिशत उपस्थिति होगी। इसके बाद आठ फरवरी 2021 को कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को खोला गया। सबसे अंतिम में कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों को एक मार्च 2021 को खोला गया। सरकार की तरफ से नई गाइडलाइन के अनुसार बताया गया कि सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधिक्षक सुनिश्चित करेंगे कि कार्यस्थल, धार्मिक स्थल, शॉपिंग माल, होटेल, रेस्टोरेंट आदि का संचालन भारत सरकार द्वारा आदतन जारी दिशा-निर्देश अक्षरश: व कड़ाई से अनुपालन करेंगे।

भीड़-भाड़ वाले स्थान जैसे-फूट कोर्ट, जलपान गृह, सब्जी मंडी, बस स्टैंड, रेहड़ी आदि स्थानों पर लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अधिक से अधिक पुलिस की तैनाती की जाएगी। पांच अप्रैल से खुलने वाले सभी शैक्षिणक संस्थान जिसमें-स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, स्किल डेवल्पमेंट सेंटर, ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट अब 12 अप्रैल को खुलेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के आयोजनों पर सरकारी व निजी पर रोक रहेगी।

उक्त रोक विवाह, श्राद्ध एवं पारिवारिक कार्यक्रम पर लागू नहीं होगा।श्राद्ध में 50 और शादी में कम से कम 100 और अधिकतम 250 लोग प्रशासनिक अनुमति के बाद ही शामिल हो सकते हैं। साथ ही कोरोना गाइडलाइन का अक्षरश: पालन करना होगा अन्यथा इंडियन एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकारी ऑफिस में सामान्य लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी। कार्यालय प्रधान अपने विवेक से अपने ऑफिस का समय व उपस्थिति निश्चित करेंगे। यह व्यवस्था 30 अप्रैल तक जारी रहेगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में अधिकतम पचास फीसदी क्षमता से ज्यादा किसी भी परिस्थिति में नहीं रहने दिया जाएगा। यह व्यवस्था 15 अप्रैल तक लागू रहेगी। जिला प्रशासन सुनिश्चित करे कि कोविड नियमों का पालन किया जाए।