डीएम ने जिला प्रोग्राम कार्यालय (आईसीडीएस) का किया निरीक्षण

लक्षित वर्गों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का डीएम ने दिया निदेश विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता: डीएम

डीएम ने जिला प्रोग्राम कार्यालय (आईसीडीएस) का किया निरीक्षण

पटना, गुरूवार, दिनांक 04.08.2022ः- जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज जिला प्रोग्राम कार्यालय(आईसीडीएस), पटना का नियमित निरीक्षण किया गया। पूर्वाह्न 10 बजे से उन्होंने यहाँ स्थित कार्यालयों का निरीक्षण किया, पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति की जांच की, उनका परिचय प्राप्त किया तथा उनके दायित्वों एवं कार्यों की जानकारी ली।

1. जिला प्रोग्राम पदाधिकारी(आईसीडीएस) मो0 कबीर द्वारा जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि केन्द्र प्रायोजित योजना के अन्तर्गत समेकित बाल विकास सेवाएँ योजना कार्यक्रम वर्ष 1975 में प्रारंभ की गई। सर्वप्रथम इस योजना का शुभारम्भ पटना जिला के फतुहा प्रखण्ड में वर्ष 1979-80 में की गई। 

2. वर्तमान में इस योजना के तहत स्वीकृत परियोजना पटना जिला के सभी प्रखण्डों में संचालित है, जिसकी कुल संख्या 23 है। वर्तमान में यह कार्यालय पटना समाहरणालय परिसर अन्तर्गत विकास भवन के द्वितीय तल पर संचालित किया जा रहा है। 

3. डीएम डॉ. सिंह ने पटना जिला अन्तर्गत बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की स्थापना की समीक्षा की। जिला अंतर्गत कुल 23 बाल विकास परियोजना संचालित है। बख्तियारपुर-बेलछी में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के पद पर विभाग द्वारा पदस्थापना नहीं की गई है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि बख्तियारपुर-बेलछी महत्वपूर्ण परियोजना है। विभागीय पदाधिकारी का पदस्थापन नहीं रहने के कारण अतिरिक्त प्रभार देकर कार्यों का संचालन किया जा रहा है। इतने महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यों के सुचारू रूप से संचालन हेतु बाल विकास पदाधिकारी का नियमित पदस्थापन आवश्यक है। उन्होंने शीघ्र पदस्थापन हेतु जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को पत्र उपस्थापित करने का निदेश दिया ताकि विभाग से अनुरोध किया जा सके।

4. जिला अंतर्गत कुल 23 परियोजनाओं में स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या 5261 है एवं कार्यरत आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या 5121 है। स्वीकृत आंगनबाड़ी सेविकाओं की संख्या 5261 है एवं कार्यरत आंगनबाड़ी सेविका की संख्या 5012 है। रिक्ति 249 है। स्वीकृत आंगनबाड़ी सहायिका की संख्या 5023 है एवं कार्यरत सहायिका की संख्या 4667 है। रिक्ति 356 है। डीएम डॉ. सिंह ने नयी मार्गदर्शिका आने के बाद विशेष अभियान चलाकर सेविका-सहायिका के रिक्त पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू करने का निदेश दिया। 

5. पटना जिला में महिला पर्यवेक्षिकाओं के स्वीकृत पदों की संख्या 198 है। इसके विरूद्ध 133 महिला पर्यवेक्षिका पदस्थापित हैं। इसमें कुछ ही दिनों पूर्व  नवनियोजित 55 महिला पर्यवेक्षिका भी शामिल है। डीएम डॉ. सिंह ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को रिक्तियों के विरूद्ध नियोजन हेतु सरकार द्वारा निर्धारित दिशा निदेशों के अनुरूप प्रक्रिया शुरू करने का निदेश दिया। उन्होंने महिला पर्यवेक्षिका के रिक्त पदों पर प्रोन्नति से बहाली होने वाले पदों की संख्या के अनुरूप रोस्टर अनुमोदित कराकर आवेदन प्राप्त करने का निदेश दिया। 

6. जिला में मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र की संख्या 78 है।

7. डीएम डॉ. सिंह ने निदेश दिया कि जो भी कर्मी तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह पदस्थापित हैं उनका सरकार की स्थानांतरण नीति के आलोक में स्थानांतरण हेतु प्रस्ताव उपस्थापित करें। 

8. डीएम डॉ. सिंह ने सभी नियमित कर्मियों का सेवापुस्त अद्यतन सत्यापित करने का निदेश दिया। उन्होंने अवकाश लेखा को अद्यतन करने का निदेश दिया। 

9. कार्यालय में सभी संविदा कर्मियों का सेवा अभिलेख संधारित नहीं था। डीएम डॉ. सिंह द्वारा इसपर अप्रसन्नता एवं नाराजगी व्यक्त करते हुए दो सप्ताह के अंदर सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र के आलोक में सभी संविदा कर्मियों का सेवा अभिलेख खोलने का निदेश दिया गया। 

10. डीएम डॉ. सिंह ने आगत निर्गत पंजी का समुचित ढंग से रख-रखाव करने का निदेश दिया। उन्होंने कर्म पुस्तिका में  मासिक लेखा संधारित करने का निदेश दिया। 

11. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्तमान में जिला प्रोग्राम कार्यालय, पटना में सेवान्त लाभ से संबंधित कोई मामला लंबित नहीं है। इस कार्यालय में अनुक्रमणी पंजी, स्थायी भंडार पंजी, अस्थायी भंडार पंजी, रेमिटांस पंजी, आकस्मिकता पंजी, अग्रिम पंजी, विपत्र पंजी, अभिश्रव पंजी, आवंटन पंजी वेतन भुगतान पंजीस वपत्र पंजी, बैंक पंजी सहित सभी पंजी संधारित है।  इस कार्यालय द्वारा कार्योंन्वित योजनाओं एवं स्थापना एवं अन्य आवश्यक विषयों से संबंधित रक्षी संचिका सही से संधारित है।

12. डीएम डॉ. सिंह ने आईसीडीएस के अंतर्गत संचालित मुख्य योजनाओं की समीक्षा की

(i) प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माता को पहले जीवित संतान के लिए तीन किस्तों में 5000/- रुपये की आर्थिक सहायता सीधे खाते के माध्यम से दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत अबतक 4562 लाभुकों को लाभान्वित किया गया है।  

(ii) मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत बिहार सरकार के द्वारा परिवार में जन्मी प्रथम कन्या को प्रारंभ के दो वर्षों में क्रमशः 2000/- एवं 1000/- रुपये की राशि सीधे खाते के माध्यम से दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत अबतक 1383 लाभुको को लाभान्वित किया गया है। डीएम डॉ. सिंह द्वारा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में प्रगति लाने का निदेश दिया गया। उन्होंने इसकी नियमित समीक्षा करने का निदेश दिया।

(iii) राष्ट्रीय पोषण मिशन- यह बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण सम्बंधी परिणामों में सुधार लाने हेतु एक प्रमुख कार्यक्रम है। यह पोषण अभियान कुपोषण की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करता है जिसका उद्देश्य मिशन मोड में इसका समाधान करना है। 

(iv) आधारभूत संरचना- इसके अंतर्गत पटना जिले में कार्यरत 5150 आंगनबाड़ी केन्द्रों में कुल 4667 केन्द्रों का आधारभूत संरचना संबंधी प्रतिवेदन पोषण ट्रैकर पर ऑनलाईन अपलोड किया गया है।

(v) गृह भ्रमण अंतर्गत माह जून 2022 में कार्यरत आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा कुल 1,39,341 घरों का गृह भ्रमण कर लाभुकों को पोषण से संबंधित आवश्यक परामर्श दिया गया। 

(vi) वृद्धि निगरानी- पटना जिला अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत कुल 3,20,403 बच्चों में से कुल 2,36,878 बच्चों को वृद्धि निगरानी माह जून 2022 में पोषण ट्रैकर पर अपलोड किया गया है। 

(vii) समुदाय आधारित कार्यक्रम- प्रतिमाह आंगनबाड़ी केन्द्रों पर माह की सातवीं तिथि को गर्भवती महिलाओं को पोषण से संबंधित जानकारी देने हेतु गोदभराई आयोजित की जाती है तथा उन्नीसवीं तिथि को छः माह की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों का अन्नप्राशन कराया जाता है। अन्नप्राशन के माध्यम से बच्चों को ऊपरी आहार देने हेतु माताओं को परामर्श दी जाती है। पटना जिले का माह जून, 2022 में पोषण ट्रैकर पर कुल अपलोडिंग का प्रतिशत 88.01 है। डीएम डॉ. सिंह ने इन कार्यक्रमों में माननीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने का निदेश दिया। 

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों का उत्क्रमणः-

(i) सकसोहरा क्लस्टर- इस क्लस्टर के अंतर्गत बख्तियारपुर-बेल्छी परियोजना अंतर्गत कुल 53 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आवश्यक साज-सज्जा की सामग्रीयाँ उपलब्ध करायी गयी है तथा आइसीडीएस भवन में संचालित कुल 18 आंगनबाड़ी केन्द्र का उत्क्रमण कराया गया है।

 (ii) बैरिया क्लस्टर- इस कलस्टर के अंतर्गत पुनपुन-सह-सम्पतचक परियोजना अंतर्गत कुल 42 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आवश्यक साज-सज्जा की सामग्रीयाँ उपलबध करायी गयी है। 

13. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में कुल स्वीकृत 5261 आंगनबाड़ी केन्द्रों में लगभग दस हजार आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका कार्यरत है। इनके द्वारा कोविड टीकाकरण, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता अभियान, जल-जीवन-हरियाली अभियान सहित अनेक कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान दिया जाता है। कोविड-19 आपदा के दौरान हिट कोविड एप एवं कोविड वैक्शिनेशन में सेविकाओं ने अहम भूमिका निभाई है। 

14. डीएम डॉ. सिंह ने महिला एवं बाल विकास निगम की गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि सखी वन स्टॉप सेन्टर टास्क फोर्स की नियमित बैठक नहीं की जा रही है। उन्होंने इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए नियमित बैठक आयोजन करने हेतु प्रस्ताव उपस्थापित करने का निदेश दिया। 

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि समेकित बाल विकास योजना एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। बच्चों एवं महिलाओं के विकास में इसकी अहम भूमिका है। उन्होंने योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक पहुंचाना सुनिश्चित करने का निदेश दिया।