बिहार के बिभिन्न जेलों में बंद 443 क़ैदी HIV से और 260 क़ैदी टीवी से ग्रसित।

बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा राज्य के सभी जेलों, सुधारगृहों, उज्ज्वला रक्षा एवं अल्पवास गृहों में रह रहे लोगों में एचआईवी (HIV), टीवी, यौन जनित रोग एवं हेपेटाइटिस के जोखिम को कम करने के उद्देश्य एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

बिहार के बिभिन्न जेलों में बंद 443 क़ैदी HIV से और 260 क़ैदी टीवी से ग्रसित।

PATNA : प्रदेश के जेलों से एक बेहद ही चौंकाने वाला खबर सामने आया है. बता दें बिहार के 59 जेलों में कुल 121626 कैदियों की एचआईवी (HIV) जांच की गई. जिनमें 443 कैदी को एचआईवी (HIV) संक्रमित होने की पुष्टि किया गया हैं. साथ में 260 क़ैदी ऐसे हैं जिनमे टीवी के लक्षण पाए गये. इन सभी को एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्रों से जोड़ा गया है. राज्य के सभी सुधार गृह, बालसुधार गृह एवं अन्य में रहने वाले व्यक्तियों के एचआईवी, टीवी सहित अन्य यौन संक्रमित रोग एवं हेपेटाइटिस की जांच कराई गई थी,

दरअसल, बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा राज्य के सभी जेलों, सुधारगृहों, उज्ज्वला रक्षा एवं अल्पवास गृहों में रह रहे लोगों में एचआईवी (HIV), टीवी, यौन जनित रोग एवं हेपेटाइटिस के जोखिम को कम करने के उद्देश्य एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

मौके पर बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अपर परियोजना निदेशक डॉक्टर एन के गुप्ता, संयुक्त निदेशक, मनोज कुमार सिन्हा कारा विभाग के उपनिदेशक डॉ प्रशांत सिन्हा, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव रमेश कुमार झा एवं स्टेट टीवी ऑफिसर डॉ बी के मिश्रा के साथ ही विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।

राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक अंशुल अग्रवाल ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में स्थापित सुधार गृहों, बाल सुधार गृहों एवं अन्य में रहने वाले व्यक्तियों के एचआईवी, टीवी सहित अन्य यौन संक्रमित रोग एवं हेपेटाइटिस की जांच की गई. इस कार्यक्रम के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा वाईआरजी केयर एवं प्लान इंडिया को अधिकृत किया गया था. 

बता दें कि जेलों में कैदियों के HIV  होने की मामले पहले भी सामने आ चुकी है. हाल में ही भागलपुर के सेंट्रल जेल में बंद करीब आधा दर्जन से अधिक कैदियों के HIV  संक्रमित होने की बात सामने आया था. वहा के डाक्टरों ने उन कैदियों में बीमारी से लड़ने की क्षमता बेहद कम पाई थी. उसके बाद कैदियों को जांच किया जिसमे पाया गया की HIV संक्रमित हैं।