देश में पहली बार 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी का दौर हुआ शुरू हुआ, 1.45 लाख करोड़ रुपये की लगी बोली...

देश में पहली बार मंगलवार को 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी का दौर शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। इस दौरान दूरसंचार कंपनियों की तरफ से 1.45 लाख करोड़ रुपये की बोली लगाई गई है। वही सरकार की तरफ से 72 गीगाहर्टज स्पेक्ट्रम की नीलामी की जा रही है और यह प्रक्रिया बुधवार को पूरी होने की उम्मीदें जताई जा रही हैं।

देश में पहली बार 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी का दौर हुआ शुरू हुआ, 1.45 लाख करोड़ रुपये की लगी बोली...

डेस्क : देश में पहली बार मंगलवार को 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी का दौर शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। इस दौरान दूरसंचार कंपनियों की तरफ से 1.45 लाख करोड़ रुपये की बोली लगाई गई है। वही सरकार की तरफ से 72 गीगाहर्टज स्पेक्ट्रम की नीलामी की जा रही है और यह प्रक्रिया बुधवार को पूरी होने की उम्मीदें जताई जा रही हैं।

बता दें कि, केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि पहले दिन चार चरणों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त, 2022 तक स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और सितंबर-अक्टूबर, 2022 तक देश के कुछ हिस्सों में 5जी सेवा भी शुरू कर दी जाएगी। 

नीलामी में चार कंपनियों रिलायंस जियो, भारती एयटेल, वोडाफोन व अदाणी समूह ने हिस्सा लिया। इन चारों कंपनियों ने पहले ही डीओटी के पास 21,800 करोड़ की राशि जमा कराई जा चुकी है। बुधवार को पांचवें राउंड की बोली लगाई जाएगी। 

वही नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन किया जाएगा। जिसके बाद ये कंपनियां अपना नेटवर्क लगाएंगी और सेवाओं की शुरुआत होगी।

मालूम हो कि, दूरसंचार मंत्री ने कहा कि, वर्ष 2022 के अंत तक देश के कई शहरों में 5जी सेवा का लाभ आम जनता उठाने लगेगी। 5जी सेवा के मूल्य पर उन्होंने कहा कि टैरिफ तय करना तो उद्योग का काम है, देखते हैं वो क्या शुल्क तय करते हैं। सरकार की तरफ से ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर-अक्टूबर तक देश के कुछ हिस्सों में 5जी मोबाइल सर्विस शुरू हो जाएगी। 

जबकि, विशेषज्ञों की माने तो जितनी मात्र में अभी तक स्पेक्ट्रम की बोली लगाई गई है, उससे डीओटी को अधिकतम एक लाख करोड़ रुपये राजस्व मिल सकता है।